26 September 2026 · 7 min read · Parda team
डेटिंग ऐप पर ब्लैकमेल हो तो क्या करें? 7 जरूरी कदम
डेटिंग ऐप या वीडियो कॉल के बाद ब्लैकमेल? पैसे न दें। सबूत कैसे बचाएं, 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत कैसे करें, और कौन सा कानून आपके साथ है।
अगर अभी किसी ने धमकी दी है — "पैसे भेजो वरना वीडियो तुम्हारे घरवालों को भेज देंगे" — तो पहले एक गहरी साँस लीजिए। सामने वाले का पूरा खेल इस पर टिका है कि आप डर में जल्दी फैसला लें। नीचे के सात कदम उसी जल्दबाज़ी को तोड़ने के लिए हैं।
पैसे मत दीजिए। चैट डिलीट मत कीजिए। शिकायत कीजिए।
राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन: 1930 · ऑनलाइन: cybercrime.gov.in · आपात स्थिति: 112
ये ब्लैकमेल आम तौर पर कैसे होता है
सरकार के साइबर जागरूकता कार्यक्रम ISEA के मुताबिक आम तरीका: कोई जल्दी नज़दीकी बढ़ाता है, वीडियो कॉल पर बुलाता है, कॉल रिकॉर्ड कर लेता है, फिर धमकी देता है।
दूसरा तरीका आमने-सामने का है। अगस्त 2026 में पटियाला पुलिस ने एक गिरोह पकड़ा जो Tinder, Facebook और Bumble पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 50 साल से ऊपर के आदमियों को मिलने बुलाता था; फिर दो लोग नकली पुलिस बनकर "रेड" डालते और पैसे वसूलते। The Tribune के अनुसार छह लोग गिरफ्तार हुए और पुलिस को शक है कि पिछले एक साल में 50 से ज़्यादा लोग शिकार बने। पुलिस के मुताबिक गिरोह ऐसे लोगों को चुनता था जो शर्म के मारे थाने न जाएँ।
7 जरूरी कदम
1. एक रुपया भी मत दीजिए
पैसे देने से मामला खत्म नहीं होता; सामने वाले को पक्का हो जाता है कि आप डरते हैं और पैसे देते हैं। अगली माँग आती है, अक्सर बड़ी। मोलभाव भी मत कीजिए।
2. सबूत संभालिए, कुछ भी डिलीट मत कीजिए
- प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट, प्रोफाइल लिंक या यूज़रनेम
- पूरी चैट, खासकर धमकी और पैसे की माँग वाले मैसेज
- उसका फोन नंबर, UPI ID, बैंक खाता, QR कोड — जो भी उसने भेजा
- कॉल लॉग, तारीख और समय
चैट या अकाउंट डिलीट करने से उसके पास जो है वो नहीं मिटता, सिर्फ आपका सबूत मिटता है।
3. जवाब देना बंद कीजिए, फिर ब्लॉक और रिपोर्ट
सबूत सेव करने के बाद ही ब्लॉक कीजिए। जिस ऐप पर बात शुरू हुई थी, वहाँ प्रोफाइल को रिपोर्ट कीजिए, और WhatsApp या Instagram पर भी जहाँ-जहाँ उसने संपर्क किया। सोशल मीडिया की फ्रेंड लिस्ट प्राइवेट कीजिए, पासवर्ड बदलिए और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू कीजिए।
4. पैसे चले गए हैं तो तुरंत 1930
1930 राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन है, जो खास तौर पर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की तुरंत रिपोर्टिंग के लिए है। अगर आपने UPI या बैंक से पैसे भेज दिए हैं, तो जितनी जल्दी कॉल करेंगे, उतनी ज़्यादा संभावना है कि रकम रोकी जा सके। ट्रांज़ैक्शन ID और समय पास रखिए।
5. cybercrime.gov.in पर शिकायत — स्टेप बाय स्टेप
आप घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल के अपने FAQ के आधार पर प्रक्रिया ये है:
- cybercrime.gov.in खोलिए और "Register a Complaint" पर जाइए।
- सही श्रेणी चुनिए: पैसे गए हैं तो Financial Fraud; ब्लैकमेल या धमकी के लिए Other Cyber Crime; अगर पीड़ित महिला है और आपत्तिजनक तस्वीर/वीडियो का मामला है तो Women/Children Related Crime।
- अपना राज्य चुनिए और मोबाइल नंबर डालिए। OTP आएगा, जो 30 मिनट तक वैध रहता है।
- घटना का ब्योरा भरिए — कब, किस ऐप पर, क्या माँगा गया। सीधी भाषा में, बिना शर्माए।
- संदिग्ध की जानकारी डालिए: प्रोफाइल लिंक, फोन नंबर, UPI ID।
- स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर अपलोड कीजिए, प्रीव्यू देखकर सबमिट कीजिए।
- आपके मोबाइल और ईमेल पर शिकायत संदर्भ संख्या आएगी। इसे संभालकर रखिए; "Track your Complaint" से स्थिति देख सकते हैं।
शिकायत आपके चुने हुए राज्य की पुलिस के पास जाती है। ध्यान दें: पोर्टल पर बिना नाम की (anonymous) शिकायत सिर्फ कुछ खास श्रेणियों में होती है, ब्लैकमेल के आम मामलों में OTP से रजिस्टर करना पड़ता है। चाहें तो नज़दीकी साइबर सेल में जाकर भी लिखित शिकायत दे सकते हैं।
6. कानून आपके साथ है
- BNS धारा 308 — जबरन वसूली (extortion): डराकर पैसे या संपत्ति लेना अपराध है; धारा 308(2) में सात साल तक की सज़ा का प्रावधान है (BNS 308 पाठ)। पटियाला वाले मामले में भी यही धारा लगी।
- BNS धारा 351 — आपराधिक धमकी।
- IT Act धारा 66E: किसी के निजी अंगों की तस्वीर बिना सहमति खींचना, छापना या भेजना — तीन साल तक की सज़ा या दो लाख तक जुर्माना।
- IT Act धारा 67 और 67A: अश्लील या यौन रूप से स्पष्ट सामग्री ऑनलाइन फैलाना; 67A में पहली बार पर पाँच साल तक की सज़ा और दस लाख तक जुर्माना (Indian Kanoon)।
अगर वीडियो या तस्वीर कहीं अपलोड हो चुकी है, तो उस प्लेटफॉर्म पर तुरंत शिकायत कीजिए। IT Rules, 2021 के नियम 3(2)(b) में फरवरी 2026 के संशोधन के बाद, निजी अंग, नग्नता या मॉर्फ की गई तस्वीरों वाली सामग्री पर शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म को दो घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होती है; पहले ये सीमा 24 घंटे थी (Freshfields)। StopNCII.org भी मदद कर सकता है। विस्तार से अंग्रेज़ी गाइड यहाँ है: blackmail होने पर क्या करें (English)।
7. याद रखिए: आप अपराधी नहीं हैं
बहुत से लोग, खासकर शादीशुदा लोग, इसलिए शिकायत नहीं करते कि उन्हें लगता है पुलिस उल्टा उन्हीं को पकड़ लेगी। ऐसा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2018 को Joseph Shine v. Union of India में IPC की धारा 497 रद्द कर दी (फैसले का सार)। व्यभिचार अब अपराध नहीं है — डेटिंग ऐप इस्तेमाल करने पर आप पर कोई केस नहीं बनता। इस मामले में अपराधी सिर्फ एक है: जो आपको ब्लैकमेल कर रहा है। पूरी कानूनी स्थिति: क्या एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर भारत में गैरकानूनी है?
अगर धमकी "घरवालों को बता देंगे" की है
दो बातें जानिए। पहली, जिस दिन ब्लैकमेलर सच में किसी को बता देता है, उसका इकलौता हथियार खत्म हो जाता है — इसलिए ज़्यादातर बताते नहीं, सिर्फ डराते हैं। दूसरी, अपनी शादी के बारे में कोई भी फैसला आप खुद, अपने समय पर लीजिए; किसी अपराधी को वो समय तय मत करने दीजिए। किसी एक भरोसेमंद इंसान को बताना भी बहुत मदद करता है।
आगे से बचाव
- पहचान में आने वाली निजी तस्वीर या वीडियो किसी को मत भेजिए।
- जो बहुत जल्दी वीडियो कॉल या WhatsApp पर आने की ज़िद करे, वहीं रुक जाइए।
- ऐसे प्लेटफॉर्म चुनिए जहाँ प्रोफाइल की असली जाँच होती हो और चैट में नंबर शेयर न हो सकें। Parda पर मैसेज से फोन नंबर, ईमेल और हैंडल अपने-आप हटा दिए जाते हैं और हर प्रोफाइल की सरकारी फोटो ID और लाइव सेल्फी की इंसान द्वारा जाँच होती है — हालाँकि ये जाँच किसी का व्यवहार या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं बताती। देखें वेरिफिकेशन कैसे होता है और सुरक्षा गाइड।
धोखाधड़ी के दूसरे तरीकों के लिए पढ़ें: डेटिंग ऐप फ्रॉड से कैसे बचें।
यह लेख सामान्य जानकारी है, कानूनी सलाह नहीं। अपने मामले के लिए साइबर सेल या वकील से बात करें।
मन बहुत भारी हो तो Tele-MANAS 14416 पर मुफ्त, 24 घंटे, कई भारतीय भाषाओं में बात कर सकते हैं। महिला हेल्पलाइन: 181। ये दौर गुज़र जाएगा।
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